पति के टिकट पर पत्नी सहित ये 7 लोग कर सकते हैं सफर, 1 रु भी नहीं देने होंगे एक्स्ट्रा

अभी तक कई पैसेंजर इस बात को नहीं जानते कि भारतीय रेलवे टिकट ट्रांसफर करने की सुविधा भी देता है। यदि कोई यात्री किसी कारण से सफर नहीं कर पा रहा है और वो 24 घंटे पहले इसकी लिखित सूचना चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर को दे देता है तो उसका रिजर्वेशन किसी दूसरे मेम्बर जैसे पिता, भाई-बहन, बच्चे या पत्नी को ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि टिकट ट्रांसफर कुछ विशेष परिस्थितियों में होता है।
यदि पैसेंजर गवर्नमेंट सर्वेंट है, और किसी कारण से सफर नहीं कर पा रहा तो ट्रेन के शेड्यूल्ड डिपार्चर के 24 घंटे पहले इसकी लिखित सूचना दे सकता है।
जिस पैसेंजर के नाम से रिजर्वेशन है वे अपनी फैमिली मेम्बर्स पिता, माता, भाई-बहन, बेटा-बेटी, पति, पत्नी के नाम टिकट ट्रांसफर करवा सकता है। इसके लिए भी लिखित सूचना 24 घंटे पहले देना जरूरी है।
इसी तरह यदि पैसेंजर किसी इंस्टीट्यूट का स्टूडेंट हैं और संबंधित इंस्टीट्यूट का हेड 24 घंटे पहले लिखित आवेदन देता है तो इंस्टीट्यूट के ही किसी दूसरे स्टूडेंट के नाम टिकट ट्रांसफर की जा सकती है।
एनसीसी कैडेट ग्रुप का हेड यदि 24 घंटे पहले लिखित आवेदन देता है तो दूसरे कैडेट के नाम टिकट ट्रांसफर की जा सकती है।