आधी रात को बड़ी करवाई,फूड सेफ्टी की टीमों द्वारा चोटी की कंपनियों के नाम पर नकली पदार्थ बनाने वाले का पर्दाफाश

फूड सेफ्टी टीम द्वारा मिलावटखोरों पर कई दिनों की तीखी नजऱ रखने के बाद आखिऱ बड़ी कंपनियों के पदार्थों के नाम पर जाली पदार्थ बनाने वाले मानसा के एक मिलावटखोर को पकड़ लिया गया। यह जानकारी फूड सेफ्टी और ड्रग प्रबंधन, पंजाब के कमिशनर श्री काहन सिंह पन्नू ने दी।श्री पन्नू ने बताया कि फूड सेफ्टी टीम द्वारा पुलिस अधिकारियों के सहयोग से करीब आधी रात को
मानसा के एक घर में छापेमारी की गई जहाँ कि यह गोरखधंधा चलाया जा रहा था।उन्होंने बताया कि मानसा में स्थित एक घर को बड़े और मशहूर ब्रांडों के नाम पर नकली पदार्थ बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। दोषी को वेरका, अमूल, मिल्कफैड घी आदि के नकली पदार्थ बनाते हुए पकड़ा गया।
इसके साथ ही टाटा नमक, गुड डे नमक, टाईड डिटर्जेंट और मशहूर ब्रांडों के लेबल अधीन बनाए जाते कई अन्य नकली उत्पाद भी मौके से बरामद किये गए।
यह जानकारी सामने आई है कि उक्त दोषी वनस्पति वसा मिश्रण से देसी घी तैयार करने, पैकटों पर मोहरें और लेबल लगाने का काम अपने घर में ही करता था। बाज़ार में प्रचलित मशहूर कंपनियों के देसी घी जैसा नकली घी तैयार करने के लिए उक्त पाँच वनस्पति कंपनियों और तीन सस्ते कंपनियों के देसी घी को मिलाकर ईस्तेमाल करता था। वनस्पति, कुकिंग मीडियम और तेलों के मिश्रण से देसी घी बनाने के लिए उसने एक ‘चुल्हा सिलेंडर’ भी रखा हुआ था। उक्त स्थान से कई अन्य मशहूर कंपनियों के लेबल भी बरामद हुए हैं, जोकि कई अन्य अलग -अलग स्थानों के लोगों की तरफ से ऐसे नकली पदार्थ तैयार करने और बेचने की मिलीभगत की तरफ इशारा करते हैं। इस छापेमारी के दौरान टाटा टी गोल्ड के करीब 700 छपे हुए पैकेट बरामद हुए जिनमें घटिया दर्जे की चाय पत्ती भरी गई थी। छापेमारी के दौरान मिला सारा स्टॉक जिसमें रैपर्ज़ और पैकेट आदि शामिल हैं को ज़ब्त कर लिया गया है और उक्त दोषी पर सम्बन्धित धारा के अंतर्गत मामला दर्ज किया जा चुका है।इसी तरह सरसों के तेल की नकली लेबलिंग का एक मामला संगरूर में भी सामने आया है जहाँ कि गणेश ट्रेडिंग कंपनी की तरफ से राइस ब्रान ऑयल को शुद्ध सरसों का तेल बताकर बेचा जाता था। कंपनी मालिक ने अपना दोष कबूल लिया है। मौके पर सैंपल लिए गए और यूनिट को सील कर दिया गया।
