*👉🏻 देवी-देवताओं के चित्र वाले पटाखे बेचे तो शिव सेना पंजाब करवायेगी 295-ए की कार्रवाई* *👉🏻 बारूद का ढेर न बनने दिया जाए फगवाड़ा : पलटा*
फगवाड़ा, 25 अक्तूबर-(प्रदीप भल्ला)-दीपावली का त्यौहार निकट आते ही प्रत्येक वर्ष हिन्दू
समाज की ओर से यह मांग उठती है कि पटाखों पर देवी-देवताओं के चित्र प्रकाशित न हों लेकिन बावजूद इसके देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखे बिकते हैं। इसके अलावा प्रदेश के हर छोटे बड़े शहर में पटाखों का बारूद थोक विक्रेताओं की दुकानों पर ढेर की शक्ल में अनहोनी को निमंत्रण देने लगता है। हालांकि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर कड़े
नियम बनाये हैं लेकिन यह लोकल प्रशासन पर निर्भर करता है कि इन नियमों का पालन होगा अथवा नहीं। इस संबंधी बातचीत में शिव सेना पंजाब के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पलटा एवं प्रदेश प्रवक्ता विपन शर्मा ने कहा कि शिव सेना पंजाब इस बार पैनी नजर रखेगी कि कहीं भी हिन्दू देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखों की बिक्री न हो। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में पुलिस को लिखित शिकायत देकर धारा 295-ए आईपी.सी. के तहत कार्रवाई करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए संकरी गलियों व भीड़-भाड़ वाले बाजारों में पटाखों की बिक्री को सख्ती से रोका जाए ताकि दीवाली की खुशी किसी लापरवाही के चलते दुखद हादसे का कारण न बने। यह लोकल प्रशासन की जिम्मेवारी है कि फगवाड़ा शहर बारूद का ढेर न बने। इस दौरान शिव सेना पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. रवि दत्त ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की सख्ती से पालना करवाना पुलिस तथा प्रशासन का दायित्व है। यदि प्रशासन की लापरवाही की वजह से कोई दुर्घटना हुई तो स्पष्ट तौर पर जवाबदेही पुलिस व प्रशासन की होगी। इसी तरह व्यापार सैल के प्रधान अशोक आहूजा ने कहा कि शिव सेना माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करती है लेकिन पर्यावरण सुरक्षा की चिंता केवल हिन्दू धर्म से संबंधित उत्सवों एवं त्यौहारों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। वे आशा करते हैं कि अन्य धर्मों के त्यौहारों पर भी पर्यावरण सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस
अवसर पर वरिष्ठ नेता सुशील टिंका,मनजीत जीता,शहरी प्रधान अंकुर बेदी,सुमित भंडारी व मनजीत सिंह आदि उपस्थित थे
