लूटपाट करने वाला बड़ा गिरोह किया काबू,एक आरोपी मौजूदा पंचायत मेंबर
कपूरथला। पुलिस ने लूटपाट व चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ का दौर जारी है, ओर भी कई खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।
सीआईए स्टाफ में बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीआईए स्टाफ कपूरथला के एएसआई नवीन कुमार, इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि एएसआई बिशंबर सिंह, एएसआई स्वर्ण सिंह ने अपनी पुलिस पार्टी के साथ खुसोपुर-काला संघिया रोड़ पर नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान मुख्बर खास द्वारा दी गई सूचना के आधार पर छापेमारी की गई तो लूटपाट व चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कपूरथला व जालंधर में विभिन्न थानों में चोरी के मामले दर्ज है। गिरफ्तार आरोपियों में दलजीत सिंह उर्फ काला पुत्र बिंदर निवासी कुलारा, मौजूदा मैंबर पंचायत जसविंदर पाल पुत्र बिहारी लाल निवासी गांव उग्गी जिला जालंधर, शुकन कुमार पुत्र संतोष निवासी झुगियां, नजदीक थाना सदर कपूरथला, धुरी बिंद पुत्र सीता राम निवासी नई सब्जी मंडी, कपूरथला व उमेश गुप्ता उर्फ विरसा पुत्र चंदर मोहन निवासी गांव सिंधवा दोनां से भारी मात्रा में तेजधार हथियार व भारी मात्रा में तांबे की तार व एलमीनियम की तार बरामद की गई। 23 किलो तांबे की तार, 58 किलो एलमीनियम की तार बरामद की गई।
वहीं रेल कोच फैक्टरी से चोरी की गई 4 क्विंटल तांबे की तार, जो कि उन्होंने नकोदर के कबाड़ वाले को बेची थी, को भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके खिलाफ कपूरथला व जालंधर के थानों में 35 ट्रांसफार्मर चोरी करने की वारदातें, 66 मोटरों के स्टाटर और रेल कोच फैक्टरी से 4 क्विंटल तांबे की तार चोरी करने के विभिन्न मामले दर्ज है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ का दौर जारी है।
आरोपियों को वीरवार की सुबह अदालत में पेश कर रिमांड हासिल कर ओर पूछताछ की जाएगी। गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों ने बताया कि गिरोह का सदस्य जसविंदर पाल, जो कि मैंबर पंचायत गांव उग्गी का है। बतौर पलंबर का काम करता है। एएसआई नवीन कुमार ने ने बताया कि गिरफ्तार उमेश गुप्ता जो कि सिंधवां दोनां में कबाड़ की दुकान करता था, वह उक्त गिरोह द्वारा चोरी किया गया सामान खरीदा था और गिरोह के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम भी देता था।