बस्ती दानिशमन्दा में एक वसीका नवीस का कारनामा , वक्फ़ बोर्ड की करोड़ो की जमीन जालसाजी से बेची ।

जालंधर में वक्फ बोर्ड को एक वसीका / लंबरदार ने करोड़ो का चूना लगाया है । गुलशन सारंगल नाम के इस वसीका ने नाम बदल कर ली गई अटार्नी से दानिशमंदा में वक्फ बोर्ड को मोटा रगड़ा लगाया है। वक्फ बोर्ड की करोड़ो रूपये की जमीन को जालसाजी से गलत कागजात लगा कर बेच दिया गया । वक्फ बोर्ड की जमीन पर फ्रंट पर अवैध दुकानें काट कर बेच दी गई है । इस पूरे मामले में एक अटारनी सामने आई है जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर इस जमीन को बेचने में किया गया है ,आरटीआई एक्टिविस्ट रवि कुमार ने इस पूरे खेल का खुलासा करते हुए वक्फ बोर्ड से शिकायत कर दी है। रवि कुमार ने बताया कि बस्ती दानिशमंदा सहित सैंट सोल्जर कालेज के सामने टी प्वाइंट पर वक्फ बोर्ड का खसरा नंबर 526 मौजूद था जो 6 कनाल 18 मरले जगह थी। इस जगह करीब 138 फुट फ्रंट था जहां अवैध दुकानें काट कर बेची गई है। यही नहीं जालसाली छिपाने के लिए एक के बाद एक कई जगह इन दुकानों की रजिस्ट्री करवा दी गई है. मगर इस पूरे मामले में एक ऐसी पावर अटारनी सामने आई है जो गुलशन कुमार पुत्र गिरधारी लाल निवासी दिलबाग नगर के नाम पर थी. इस अटारनी के इस्तेमाल से ही कई दुकानें व प्लाट बिकने की संभावना है इनमें एक दुकान की रजिस्ट्री भी सामने आ गई है जिसकी रजिस्ट्री गुलशन कुमार की अटारनी से करवाई गई है। इस अटारनी को लेकर बड़ा घालमेल होने की संभावना है ,वसीका नवीस गुलशन सारंगल का नाम इस अटारनी में गुलशन कुमार लिखा गया है. आरटीआई एक्टिविस्ट ने सभी दस्तावेज वक्फ बोर्ड को सौंप दिए हैं। उन्होंने बताया कि
वक्फ बोर्ड के पास बस्ती दानिशमंदा से गाखलां रोड पर 526 नंबर खसरे में 6 कनाल 18 मरले जमीन थी. इस जमीन को खसरा नंबर 525 के साथ मिला कर अवैध कालोनी काटी गई. इसमें 525 खसरा नम्बर व अन्य खसरे में जो जगह खाली बची उस रकबे का इस्तेमाल 526 नंबर खसरा जोकि वक्फ बोर्ड का था उसमें किया गया अौर फ्रंट की दुकानें बेच दी गई दुकानों का असल खसरा नम्बर 526 वक्फ बोर्ड वाला था . इस हिसाब से वक्फ बोर्ड का सारा का सारा फ्रंट मौके से गायब कर दिया गया है यहीं नही दुकानों के पीछे लगती जमीन रिहायशी बता कर दूसरे खसरा नंबरों से बेच दी गई है। इनमें से कई रजिस्ट्रियां भी सामने आ गई है.
इस मामले के बारे में जब वक्फ बोर्ड के रेंट कलैक्टर शकील अहमद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है अौर दस्तावेज भी मिले है जिसमें गुलशन की अटार्नी का इस्तेमाल रजिस्ट्री में हुआ है। वक्फ बोर्ड अपने गायब हुए खसरे की निशानदेही के हवाले से सारी दुकानें अौर घर खाली करवायेगा अौर गुलशन व अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी करवायेगा।
कौन है गुलशन कुमार उर्फ गुलशन सारंगल
जिला तहसील में वसीका नवीस का काम करने वाला गुलशन सारंगल जमीनों के मामले में काफी शातिर खिलाड़ी है । गुलशन सारंगल पर कई बार जमीनों को खुर्द बुर्द करने के मामले दर्ज हुए लेकिन हर बार राजस्व की जानकारी रखने के चलते वह जुगाड़ से बाहर निकलता गया । दानिशमंदा में ही एक जमीन में कब्जे को लेकर गुलशन जेल की हवा भी खा चुका है ।
सांठगांठ से वसीका के साथ साथ लंबरदार भी बना गुलशन सारंगल :–
उच्च प्रशासनिक अधिकारियो से सांठ गांठ होने का इनाम गुलशन सारंगल को लम्बरदारी के रूप में मिला है । जमीनों में घपलेबाजी करने के लिए मशहूर गुलशन को लम्बरदारी दे दी गई है । अब गुलशन की ठगी की राह और आसान हो गई है क्योंकि वोह जमीन में गड़बड़ी वाली रजिस्ट्री को खुद लिख कर उसे लंबरदार के रूप में तस्दीक करवा कर मोटी ठगी व बढ़िया कमाई कर सकता है । सुनने में आया है कि लम्बरदारी लेने में गुलशन ने बढ़िया सिफारिश के साथ साथ मिठाई का डिब्बा भी भेजा है । मिठाई कौन सी है यह लिखने की जरूरत नहीं है । जिन लोगो ने इस मिठाई का स्वाद चखा है उसका जल्द खुलासा किया जाएगा ।
