*👉🏻 इन तस्वीरों को देखकर सोचिए कि क्या हम जीत पाएंगे कोरोना से जंग* *👉🏻 लोग क्यों नहीं गंभीरता से ले रहे इस महामारी को, शहर में संक्रमित मरीजों की गिनती बढ़ने के बावजूद भी लोग क्यों नहीं हो रहे हैं जागरूक* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 12 अप्रैल 2020-(प्रदीप भल्ला)- शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की गिनती रोजाना ही बढ़ रही है। इसके बावजूद शहरवासी इस महामारी के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रहे। इन तस्वीरों में देखिए कि कैसे लोग आम दिनों की तरह ही सड़कों पर आ-जा रहे हैं और लोग सड़कों पर रेहड़ियां लगाकर खुलेआम ग्राहकों की भीड़ इकट्ठी कर खड़े हुए हैं।
यह सब देख कर तो लगता है कि लोगों में इस बीमारी के प्रति कोई जागरूकता है ही नहीं। जिला प्रशासन भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने में असहाय दिख रहा है। यह तस्वीरें हैं किशनपुरा चौक के साथ लगते कोट किशन चंद इलाके की। जहां पर सब्जी मंडी की आड़ में रेहड़ी वाले अपनी रेहड़ियां सड़क पर लगा कर ग्राहकों की भीड़ इकट्ठी किए हुए हैं। जबकि जिला प्रशासन ने फलों और सब्जियां बेचने वालों को पास बना कर दिए हैं ताकि वह मोहल्लों में जाकर सब्जियां और फल बेच सकें।
यह पास इसीलिए बनाए गए हैं कि वह अपने अपने क्षेत्र के मोहल्लों में जा-जाकर अपने सामान को बेच सकें, लेकिन यह रेहड़ी वाले कोट किशन चंद इलाके में सड़क पर ही रेहड़ियां लगाकर एक छोटी सब्जी मंडी बनाकर बैठे हुए हैं। जिन्हें देखकर लोग भी वहां पर सब्जी खरीदने के लिए इकट्ठे हुए हैं। अब अगर इनमें से एक या दो लोग भी कोरोना संक्रमित होते हैं तो उनके संपर्क में आने वाले कितने और लोग इस महामारी से संक्रमित हो जाएंगे। क्या इस प्रकार हम इस बीमारी की चेन को तोड़ पाएंगे।
ऐसा सब कुछ करके तो हम इस चेन को और मजबूत बना रहे हैं। सरकार द्वारा कितने जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद भी लोग जागरूक होना ही नहीं चाहते। अगर ऐसा ही रहा तो शहर की एक बहुत बड़ी गिनती में लोग इस बीमारी से पीड़ित हो जाएंगे। ऐसा करके लोग सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि अपने परिवार और आस-पड़ोस वालों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं। जिला प्रशासन को भी चाहिए कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इन्हें देखकर दूसरे लोगों को सबक मिल सके या वह इस बीमारी के प्रति गंभीर हो सके।