*👉🏻 हर घर तिरंगा लहराने की बात करने वाले पहुंचे सड़कों पर, क्या ये कर्फ्यू की उलंघना नहीं* *👉🏻 वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सच्चर ने उक्त लोगों पर कार्रवाई करने के लिए प्रशासन से की मांग* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 01 मई 2020-(एच.ई)-केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जाहिर करने के लिए कांग्रेस ने अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं को अपने घरों की छतों पर तिरंगा लहराने के लिए कहा था। इस अभियान को उन्होंने “हर घर तिरंगा” लहराने का नाम भी दिया था। मगर जोश में आए कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता यह भूल गए की तिरंगा उन्होंने अपने घर की छत पर लहरा कर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जाहिर करना है। जोश-जोश में कांग्रेसी कार्यकर्ता तिरंगा लेकर सड़कों और पार्कों में इकट्ठा हो गए और केंद्र के खिलाफ रोष जाहिर करने लगे। जिला प्रशासन ने भी सब कुछ देखते हुए अपनी आंखें मूंद रखी।
10 से 12 की गिनती में इकट्ठे हुए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को देखकर भी पुलिस ने कर्फ्यू की उल्लंघना करने की कार्रवाई उन पर नहीं की। इस महामारी के कारण पूरे राज्य में कर्फ्यू लगाया हुआ है और साथ ही कड़े आदेश दिए हैं कि चार व्यक्ति एक साथ इकट्ठे नहीं हो सकते। अपने ही आदेश जारी करने के बाद प्रशासन सब कुछ भूल गया। इस बात की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सच्चर ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि महामारी के इस कठिन दौर में इकट्ठे होकर सड़कों पर होने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। यह लोग अगर बड़ी गिनती में सड़कों पर निकलते हैं तो इस महामारी को फैलाने से कैसे रोका जाएगा। श्री सच्चर ने कहा कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सड़कों और पार्कों में 10 से 12 की गिनती में इकट्ठे होकर तिरंगा लहराया और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जाहिर किया। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। इन तस्वीरों को देख शहरवासियों ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि नेता खुद ही अगर कानून की उल्लंघना करेंगे तो फिर आम जनता पर सख्त कार्रवाई क्यों। जिला प्रशासन को चाहिए कि जिन लोगों ने कर्फ्यू के आदेशों की अवहेलना की है उन पर कार्रवाई की जाए।
