*👉🏻 जब बच्चों ने सासंद,विधायक और अधिकारियों के खटखटाये दरवाजे* *👉🏻 इस खबर सम्बंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 12 जून 2020-(प्रदीप भल्ला)-नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की पंजाब पार्टनर संस्था सर्व अधिकार रक्षा अभियान समिति (सारस) द्वारा आज “वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर” के दिन “दि पंजाब पेरेंट्स एसोसिएशन” व बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोग से Knock the Door कैंपेन की शुरुआत की जा रही है। जिसके शुरुआत में कुछ बच्चे पूरे राज्य के बच्चों का प्रतिनिधित्व करते हुए सांसदों, विधायको व जिला अधिकारियों को अपना मांग पत्र देंगे। जिसकी शुरुआत जिला जालंधर से की जा रही है। आज Knock the Door कैंपेन के पहले दिन संस्था सारस, बचपन बचाओ आंदोलन व दि पंजाब पेरेंट्स एसोसिएशन के साथ बच्चों की संयुक्त टीम ने कांग्रेस के सांसद चौधरी संतोख सिंह, विधायक राजिंदर बेरी के साथ साथ जिला अधिकारी का Door Knock किया।
इस कैंपेन के दौरान बच्चों से सांसद, विधायकों व जिला अधिकारी को मांग पत्र दिया। इस मौके पर बच्चों के साथ बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य संयोजक दिनेश कुमार मुख्य रूप से साथ थे। दिनेश ने बताया कि कैलाश सत्यार्थी जी ने जनवरी 1998 में “ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर” की शुरुआत की थी। जिसमें 7.2 मिलियन बच्चों, महिलाओं व पुरुषों ने भाग लिया था। ये यात्रा 103 देशो से होते हुए 1 जून 1998 को अंतर्राष्ट्रीय लेबर संगठन जिनेवा में समाप्त हुई थी। जिसके बाद 12 जून को ILO द्वारा “बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस” घोषित किया गया। इस अवसर पर दि पंजाब पेरेंट्स एसोसिएशन के कमलदीप ने कहा कि अगर सभी बच्चे शिक्षा से जुड़े होंगे तो देश को बाल श्रम मुक्त बनाया जा सकता है।
साथ ही सरकार सभी बच्चों को शिक्षा अधिकार के तहत गुणवत्तापूर्ण मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है, और अगर सभी बच्चे शिक्षित होने तभी देश तरक्की करेगा। इस मौके पर संस्था सारस के शंकर कुमार चौधरी जी ने कहा कि उनकी संस्था सारस बच्चों के लिए प्रमुखता से काम करता आ रहा है। आज कोविङ-19 के दौरान उनकी संस्था द्वारा knock the door कैंपेन की शुरुआत की गयी, इसके तहत जालंधर के सांसद, विधायक व जिला अधिकारी को माँग पत्र दिया गया, जिसमे बच्चों की सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार से निम्नलिखित मोंगे की गयी। 1) हम बच्चों के माता पिता बेरोजगार आर्थिक रूप से पीड़ित होने के कारण हमारी स्कूल फीस देने में असमर्थ है, हमारी माँग है कि हमारी 6 माह तक की पूरी फीस माफ की जाए। 2) जिले में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत सभी बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। 3) जिले में शिक्षा से वंचित सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए। 4) जिले में कोई भी बच्चा बाल श्रमिक न हो। 5) बाल श्रम रोकने हेतु बने कानूनों को तुरंत प्रभावी ढंग से अमल में लाया जाए। 6) पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को बच्चों से जुड़े कानूनों के बारे ट्रेनिंग दी जाए व बाद में उनका टेस्ट लिया जाए। 7) सभी स्कूलों को आदेश दिया जाए कि बच्चों के अधिकारों व सुरक्षा से संबंधित कानूनों के बारे में स्कूली बच्चों को बतायें व अपने स्कूल के मुख्य द्वार के साथ उक्त सभी कानून प्रदर्शित किये जाए, जिसे हर कोई आसानी से पढ़ सके। इस कैंपेन में ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब, दि पंजाब पेरेंट्स एसोसिएशन, संस्था सारस, बचपन बचाओ आदोलन, उम्मीद फाउंडेशन आदि संस्थाओं के हसन सोनी, राधे श्याम, संदीप कुमार, हरचरण सिंह आदि ने भाग लिया।