*👉🏻 पंजाब में बढ़ रहे कोरोना के केस, जालंधर में शनिवार को मरने वालों की संख्या में हुई वृद्धि* *👉🏻 सीएम के आदेशों को नहीं मानता शिक्षा विभाग, बीमार टीचर्स को भी बुलाया गया स्कूल* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 20 मार्च 2021-(एच.ई)-कोरोना के कारण पंजाब में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। रोजाना ही कोरोना संक्रमित मरीजों की गिनती बढ़ रही है। आज शनिवार को भी जिला जालंधर में 390 व दूसरे जिलों के 25 नए केसों को मिलाकर कुल 415 मामले सामने आए हैं और 12 लोगों की कोरोनावायरस के कारण मौत हुई है। बढ़ते मामलों के कारण पंजाब के हालात बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। 
–स्कूल बंद लेकिन शिक्षकों को बुलाया जा रहा है स्कूल–
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेशों से बड़े तो शिक्षा विभाग के आदेश लग रहे हैं। सीएम ने 31 मार्च तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं ताकि कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोक लगाई जा सके। मगर सीएम के आदेशों को दरकिनार करते हुए शिक्षा विभाग द्वारा सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा रहा है। सभी शिक्षकों को कड़े आदेश दिए गए हैं कि वह हर हाल में स्कूल पहुंचे। इन आदेशों के बाद बीमार टीचर्स भी स्कूल पहुंचे हैं। बीमारी से लड़ रहे कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें स्कूल मुखी द्वारा मैसेज भेजा गया है कि वह हर हाल में स्कूल पहुंचे। इसीलिए वह बीमार होने के बावजूद भी स्कूल पहुंचे हैं और रजिस्टर में हाजिरी भी लगाई है। इससे तो साफ जाहिर होता है कि शिक्षा विभाग को मुख्यमंत्री के आदेशों की कोई परवाह नहीं है। अगर कोरोनावायरस का खतरा बच्चों को है तो क्या टीचर्स को कोरोना से खतरा नहीं है, क्या शिक्षकों के परिवार नहीं है। अगर वह कोरोनावायरस से पीड़ित होते हैं तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
