*👉🏻 मामला जैन करियाना स्टोर के मालिक को लुटेरों द्वारा गोली मारने का* *👉🏻 क्या कानूनी कारवाई के चक्कर ने ली सचिन जैन की जान ? या निजी अस्पतालों की लापरवाही ने ? या पुलिस की ढीली कारवाई ने ?* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 20 जुलाई 2021-(प्रदीप भल्ला)- बीती रात सोढल रोड के मथुरा नगर में जैन करियाना स्टोर के मालिक 32 वर्षीय सचिन जैन को लुटेरों ने रुपए लूटने की खातिर गोली मार दी थी जिसकी इलाज दौरान मौत हो गई। सचिन जैन की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं जिसके उत्तर देना पुलिस प्रशासन के लिए शायद मुश्किल हो जाएगा। मृतक सचिन जैन के दोस्तों ने बताया कि गोली लगने से घायल सचिन को वह एक्टिवा पर ही लेकर अस्पताल में दाखिल करवाने के लिए 45 मिनट तक एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे अस्पताल में भटकते रहे लेकिन क्राइम सीन होने के कारण किसी भी निजी अस्पताल ने सचिन जैन का उपचार करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद सचिन के दोस्त उसे सिविल अस्पताल लेकर गए जहां से उसे निजी अस्पताल में रेफर किया गया मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जिस कारण सुबह 4:00 बजे के बाद सचिन जैन की मौत हो गई। इस मामले को देखते हुए शहर के लोगों के मनों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी अस्पताल प्रबंधक पहले इंसानियत के तौर पर घायल को दाखिल कर उपचार कर खुद पुलिस को सूचित नहीं कर सकते थे या निजी अस्पतालों ने इस मामले में पूरी तरह से लापरवाही बरती है। वही मॉडल हाउस के राजू, देओल नगर के राजेश, मॉडल टाउन के सुमित, आदर्श नगर की मीना ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं और पुलिस कमिश्नर से पूछा है कि क्या पहले निजी अस्पतालों वालों को कानूनी कार्रवाई के चक्कर में पड़ना चाहिए या घायल का इलाज पहल के आधार पर करना चाहिए। क्या किसी व्यक्ति की जान से ज्यादा जरूरी कागजी कार्रवाई है ? अगर निजी अस्पताल वाले समय रहते सचिन जैन का उपचार करते तो शायद आज एक घर का चिराग रोशन हो रहा होता।
–2 महीने पहले ही सचिन जैन के घर दूसरे बेटे ने जन्म लिया था–
सचिन जैन की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है और लोगों के मनों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्सा भी है। ऐसा इसलिए कि 2 महीने पहले ही सचिन जैन के घर दूसरे बेटे ने जन्म लिया था। अभी तो बच्चे ने अपने पिता की गोद में झूलना भी शुरू नहीं किया था कि लुटेरों की गोली ने मासूम बच्चे के सिर से उसके पिता का साया ही छीन लिया। इलाका निवासियों के मनों में पुलिस के खिलाफ रोष इसलिए भी है कि कुछ दिनों के अंदर ही शहर में लुटेरों/गैंगस्टरों द्वारा गोली मारने की कई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका हैं। खासकर सभी वारदातें नार्थ क्षेत्र में ही हुई है और पुलिस हाथ पर हाथ रख कर बैठी हुई है। सोढल नगर के ही टिंकू मर्डर केस, दाना मंडी के पास डिप्टी मर्डर केस और उसके बाद अब मथुरा नगर के सचिन जैन मर्डर केस में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है की लुटेरे और गैंगस्टर खुलेआम वारदातों को अंजाम देकर निकल जाते हैं और पुलिस लोगों की सुरक्षा करने में फेल हो रही है।

