*👉🏻 पिम्स की ओर से करवाया गया एमबीबीएस के स्नातकोत्तर विधार्थियों का दीक्षांत समारोह* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 12 अक्तूबर 2021-(प्रदीप भल्ला)- पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (पिम्स) की ओर से एमबीबीएस के स्नातकोत्तर विधार्थियों का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि के रूप में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसिज के वाइस चांसलर डा. राजबहादुर शामिल हुए। इस अवसर पर पिम्स के रेजिडेंट डायरेक्टर श्री अमित सिंह और डायरेक्टर प्रिंसीपल डा. कुलबीर कौर ने सभी का स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वति वंदना और दीप जलाकर की। डायरेक्टर प्रिंसीपल डा. कुलबीर कौर ने स्वागती भाषण में पिम्स के बारे में पूर्ण जानकारी सांझा की। उन्होंने कहा कि यह पिम्स के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि कोविड के दौरान हमारे अध्यापकों ने आनलाइन में विधार्थियों को पढ़ाया। इसी का नतीजा रहा कि इस बार के 2018 बैच के परीक्षा परिणामों में हमारे इंस्टीच्यूट के चार बच्चों की डिस्टिशंन आई। इसके अलावा डायरेक्टर प्रिंसीपल की अगुवाई में आयोजित दीक्षांत समारोह में जहां वर्ष 2014-15 सत्र के स्नातकोत्तर विधार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। वहीं बेस्ट ग्रेजुएट, टॉपर व सभी विषयों में डिस्टिंक्शन होल्डर्स को भी अलंकृत किया गया।
बेस्ट ग्रेजुएट, टॉपर व डिस्टिंक्शन होल्डर्स के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि यह पेशा इंसानियत की सेवा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि पिम्स भविष्य में स्वर्णिम सेवाएं देने को प्रतिबद्ध है। आशा है सभी विधार्थी इस सेवा भाव को भविष्य में भी बनाए रखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अध्यापक विधार्थियों के मार्गदर्शक तो हैं ही लेकिन एक तरह से मरीज भी विधार्थियों के अध्यापक होते हैं। बच्चे प्रेक्टिकल के जरिये मरीज से बहुत कुछ सीखते हैं।
नई-नई बिमारियों और उनके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। इस अवसर पर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा राज बहादुर ने कहा दीक्षांत समारोह हमेशा से ही एक ऐसा विशेष अवसर होता है, जिसमें हम शुरू के वर्षों में की गई कड़ी मेहनत को लक्ष्यों की प्राप्ति व सफलता की प्राप्ति से जुड़ते हुए देखते हैं। यह एक ऐसी यात्रा रहती है जो अस्थायी कदमों के साथ शुरू होती है और हमें ऊँचाइयों तक ले जाती है। मैं सभी छात्रों से कहना चाहता हूं कि जीवन में कुछ पाने के लिए हमेशा मन में सीखने की इच्छा को बनाकर रखना चाहिए। क्योंकि ज्ञान का कोई अंत नहीं होता है।
उन्होंने आगे कहा कि पिम्स और उनके विधार्थियों की मेहनत रंग लाई है। पंजाब इंस्टीच्यूट आफ मेडिकल साइंसिज (पिम्स) ने पूरे दोआबा क्षेत्र का मान बढ़ाया है। आज मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि एमबीबीएस के विधार्थियों को डिग्री प्रदान करने लिए मौजूद हूं। जिन्होंने लगभग साढे पांच साल की मेहनत के बाद यह प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा इसके लिए मैं पिम्स और विधार्थियों के मां-बाप को बधाई देता हूं। सेहतमंद जिंदगी हर एक व्यक्ति का अधिकार है। इस जिम्मेदारी में सिर्फ लोगों का इलाज करना ही शामिल नहीं है ब्लकि स्वास्थय के प्रति जागरुकता भी पैदा करनी है।