*दिल की गहराइयों को छू जाती है सिमर सदोष की लघु कथाएं …जेबी गोयल* *👉🏻 -साहित्यकार सिमर सदोष की किताब का पंजाबी अनुवाद ‘आटे दी दीवा’ का विमोचन-*


जालंधर,6 अक्तूबर-(प्रदीप भल्ला)-साहित्यकार सिमर सदोष की लघुकथाएं दिल को छू जाती हैं। उनकी हर कथा में सामाजिक कुरिती पर जबरदस्त प्रहार किया गया है, जो उनकी कल्पना शक्ति की ताकत बयान करता है। यह कहना था नामवर लेखक और जालंधर के पूर्व कमिश्नर जंग बहादुर गोयल का, जो वरिष्ठ साहित्यकार सिमर सदोष के लघु कथा संग्रह ‘एक मुट्ठी आसमां’ के पंजाबी अनुवाद ‘आटे दा दीवा’ को लोगों के बीच लोकार्पित कर रहे थे। साहित्यकार सिमर सदोष के लघु कथा संग्रह एक मुट्ठी आसमां को युवा पत्रकार और लेखक दीपक शर्मा चनारथल ने पंजाबी में अनुवाद किया है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब प्रेस क्लब के प्रधान और पंजाब कला परिषद के महासचिव डॉक्टर लखविंदर सिंह जौहल ने की। पुस्तक रिलीज के दौरान लेखक दीपक चनारथल ने कहा कि सिमर सदोष की लघु कथाएं अपने आप में संपूर्ण है। पत्रकारिता के क्षेत्र में सिमर जी ने जितना अहम योगदान दिया है उतना ही योगदान साहित्य में भी रहा है। मुख्य मेहमान जंग बहादुर गोयल व डॉक्टर लखविंदर जौहल ने कहा कि लघु कहानियां साहित्य की सबसे सुंदर विधा है। उन्होंने हिंदी कहानियों को पंजाब के लोगों तक पंजाबी में पहुंचाने का आभार प्रकट किया। इस दौरान साहित्यकार सिमर सदोष ने दीपक चनारथल का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके लघु कथा संग्रह को पंजाबी में अनुवाद कर उन्होंने पंजाब के लोगों को तोहफा दिया है। इस मौके पर मोहन सपरा, डा. अजय शर्मा, दीपक जालंधरी, तरसेम गुजराल, प्रेम विज, मनजीत कौर मीत, राकेश शर्मा, पाल अजनबी, डॉक्टर अवतार सिंह, संजीव शारदा, अशोक सिंह, डॉ नीलम जुल्का,नीलम गोयल सहित गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र मलिक ने किया और सभा के प्रधान बलकार सिद्धू ने आए मेहमानों का आभार प्रकट किया।