हाई अलर्ट:-पंजाब के सीमांत इलाके खाली करने के आदेश, कल सीएम खुद करेंगे पठानकोट से फिरोजपुर तक दौरा
चंडीगढ़(हैडलाइन ब्यूरो)पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीरी इलाके में भारतीय वायुसेना की तरफ से किए गए हवाई हमले के बाद पंजाब में भी माहौल तनावपूर्ण हो चला है। प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जिसका ऐलान गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने के और अपने सिपहसालारों के साथ चर्चा करने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन
अमरिंदर सिंह ने खुद किया है। यहां से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के आदेश जारी किए हैं। वहीं इससे पहले कैप्टन ने इस हमले की एक ट्वीट के जरिये तारीफ की थी। अब सीएम ने तनाव के हालात से निपटने संबंधी ताजा तैयारियों, सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी मांगी है, वहीं बुधवार को वह खुद संबंधित क्षेत्र का दौरा करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को उच्च स्तरीय कानून और व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद कहा कि कि बिना किसी घबराहट या हड़बड़ाहट के सीमावर्ती इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। संबंधित जिलों के डीसी और एसएसपी आमजन की जान-माल की सुरक्षा यकीनी बनाएं। इसी के साथ उन्होंने कहा कि वह खुद बुधवार को पठानकोट से फिरोजपुर तक सड़क मार्ग से दौरा करेंगे।
ताजा तरीन हालात के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात करने से मुख्यमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक को अपना पूरा समर्थन दिया। फिर उन्होंने अपने करीबियों के साथ विशेष की। इसमें मुख्यमंत्री के निजी सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव करण अवतार सिंह, गृह सचिव एनएस कलसी, डीजीपी दिनकर गुप्ता, डीजीपी इंटेलीजेंस वीके भांवरा समेत पुलिस और सिविल प्रशासन के तमाम आला अफसरान शामिल रहे।
यह बात भी याद करने की है कि जब पुलवामा हमले के तुरंत बाद अमरिंदर सिंह ने कहा था कि उन्होंने हमारे 41 को शहीद किया है, हमें उनके 82 मारने चाहिए। हालांकि कार्रवाई की दशा-दिशा केंद्र सरकार को तय करनी है, पर एक रिटायर्ड आर्मी कैप्टन होने के नाते न सिर्फ वह खुद, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व हर हाल में केंद्र सरकार के साथ खड़ा है। उन्होंने साथ ही सबूत मांगने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को भी चेतावनी दी थी कि पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड बहावलपुर में बैठा है। अगर तुम्हारे से नहीं पकड़ा जाता तो हम पकड़कर दिखाएं। वैसे भी मुबई हमले के सबूत दिए थे, तब उस पर क्या कार्रवाई हुई। कुछ भी नहीं।
