*👉🏻 हरलीन वाटर पार्क में पुलिस की रेड, कोरोना के प्रति ना प्रबंधक जागरुक ना ही लोग* *👉🏻 बड़ी गिनती में नहाने पहुंचे लोग,पुलिस की दबिश के बाद लोगों ने प्रबंधकों से एंट्री फीस मांगी वापिस, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 27 जून 2021-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-कोरोना का प्रकोप कम होते ही लोगों की लापरवाहियां सामने आने लगी हैं। जिसका ताज़ा उदाहरण आज देखने को मिला। पाबंदी के बावजूद हरलीन वाटर पार्क में बड़ी गिनती में लोग नहाने व पिकनिक मनाने के लिए पहुंच गए।
जिसकी सूचना किसी जागरूक नागरिक ने पुलिस प्रशासन को दे दी। सूचना मिलते ही संबंधित थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और बड़ी गिनती में मौजूद लोगों को वाटर पार्क से बाहर निकाल दिया। इसके साथ ही पुलिस ने हरलीन वाटर पार्क के प्रबंधकों को चेतावनी भी दी। पुलिस की दबिश के बाद वहां पर मौजूद लोगों ने वाटर पार्क के प्रबंधकों से अपनी एंट्री फीस वापस मांगी, लेकिन प्रबंधक लोगों को रुपए लौटाने के लिए तैयार नहीं थे।
वाटर पार्क में मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने ₹450 प्रति व्यक्ति के हिसाब से खर्च किए हैं। लोगों के अनुसार उन्हें आए अभी आधा घंटा ही हुआ था कि पुलिस ने आकर वाटर पार्क को बंद करने के आदेश दे दिए। जिसके बाद प्रबंधकों ने सभी लोगों को बाहर जाने के लिए कहा। गुस्साए लोगों ने प्रबंधकों से एंट्री फीस वापस मांगी तो प्रबंधकों ने कहा कि वह रुपए तो वापस नहीं कर सकते लेकिन जब पार्क फिर से खुलेगा तो वह दोबारा से आ सकते हैं, उस समय उनसे कोई फीस नहीं ली जाएगी। लोगों ने बताया कि प्रबंधक यही बात लिखित में देने के लिए तैयार नहीं है। वह सिर्फ जुबानी ही बोल रहे हैं। अगर वाटर पार्क महीने बाद खुलेगा तो कोई भी उन्हें अंदर नहीं आने देगा। लोगों की मांग है कि उनसे लिए ही गई एंट्री फीस उन्हें वापस की जाए। वाटर पार्क में मौजूद लोगों ने कहा कि अगर वाटर पार्क खोलने की अनुमति नहीं थी तो उनसे रुपये लेकर एंट्री क्यों दी गई। 
— कोरोना का प्रकोप कम होते ही लोग हुए लापरवाह– हरलीन वॉटर पार्क में आज जब पुलिस ने रेड की तो वहां पर बड़ी गिनती में लोग पानी में नहा रहे थे और कितने ही लोग पिकनिक मना रहे थे। वहां पर मौजूद लोगों में से ज्यादातर ने मास्क नहीं पहने हुए थे और ना ही समाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। जिससे साफ पता चलता है कि लोग कोरोनावायरस के प्रति पूरी तरह से लापरवाह है। लोग अपनी गलती नहीं मानते लेकिन मुसीबत में पड़ने पर प्रशासन और सरकार को दोष देना शुरू कर देते हैं। लोगों को चाहिए कि वह कोरोना को गम्भीरता से लें, क्योंकि अभी भी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। अपने साथ-साथ दूसरों की जान की भी फिक्र करें और कोरोना से बचें।
