*👉🏻 डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर के आदेशों की उड़ाई गई धज्जियां, युवा कांग्रेसी नेताओं ने जमकर लहराए वेपन* *👉🏻 हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर हो मामला दर्ज-अनिल सच्चर* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 11 जुलाई 2021-(प्रदीप भल्ला)- डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर जगमोहन सिंह ने 7 जुलाई को आदेश जारी किए थे कि सरेआम हथियारों को लेकर चलने पर पाबंदी होगी। उसके इलावा शादी समारोह व अन्य फंक्शनों पर भी हथियारों की नुमाइश करने वालों पर मामला दर्ज किया जाएगा।
मगर युवा कांग्रेसी नेताओं को डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर के इन आदेशों की जरा भी परवाह नहीं है। आज विधायक राजेंद्र बेरी के नेतृत्व में युवा कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। जिसमें बड़ी गिनती में युवा कांग्रेसी नेता शामिल हुए। इन युवाओं में से कईयों के पास वेपन थे जिन्हें वह सरेआम लहरा रहे थे। जिनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। पुलिस प्रशासन के सामने ही युवा कांग्रेसियों के हाथों में हथियारों को लहराते देख सड़क पर चल रहे लोगों मे दहशत का माहौल पैदा हो गया था। पंजाब में चुनाव से 6 महीने पहले जालंधर में राजनीतिक पार्टी के किसी नेता द्वारा इस तरह हथियारों को लहराते हुये लोगों मे दहशत का माहौल पैदा करना एक नई शुरुआत लगती है।अगर कोई आम इंसान वेपन लेकर निकले और उसके बारे में पुलिस को पता चल जाए तो वह तुरंत ही उस पर मामला दर्ज कर लेती हैं लेकिन युवा कांग्रेसी नेताओं की हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिनमें वह हथियार लेकर चलते हुए दिखाई दे रहे हैं लेकिन पुलिस प्रशासन आंखें मूंद कर बैठा हुआ है क्योंकि यह युवा सत्ताधारी पार्टी के नेता है।
— हथियार लेकर चलने वालों पर हो मामला दर्ज- अनिल सच्चर– जब इस बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सच्चर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह पुलिस प्रशासन की ढीली कार्रवाई का नतीजा है। शहर में पहले ही कई वारदातें हो चुकी है। कुछ दिन पहले ही सुखमीत डिप्टी की गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। जिसे पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है। लेकिन फिर भी अगर कांग्रेस के युवा नेता हथियारों का प्रदर्शन कर युवाओं को हथियारों की ओर आकर्षित कर रहे हैं तो यह पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा करता है। आज के इस विरोध प्रदर्शन में जिन युवा कांग्रेसी नेताओं ने हथियारों का प्रदर्शन किया है उन पर मामला दर्ज होना चाहिए क्योंकि डीसीपी ला एंड आर्डर जगमोहन सिंह के आदेशों की धज्जियां उड़ाई गई है।