*👉🏻 सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं होती जालंधर के पुलिस थानों में* *👉🏻 24 घँटे तो दूर की बात,कई-कई दिनों तक अपलोड नहीं होती एफआईआर थानों की वेबसाइट पर* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*



जालंधर, 23 नवंबर 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नहीं मानती पंजाब पुलिस। ये इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए थे कि पूरे देश के पुलिस थानों में जब भी कोई मामला दर्ज होता है तो एफआईआर की कॉपी 24 घँटे में अपनी वेबसाइट पर डाली जाए। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को (पुलिस थानों में) 24 घँटों के भीतर अपनी वेबसाइट पर एफआईआर अपलोड करने का निर्देश दिया था। ये निर्देश जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस सी.नगप्पा की बैंच ने दिया था। लेकिन पंजाब पुलिस जालंधर के थानों में कई-कई दिनों तक एफआईआर वेबसाइट पर अपलोड ही नहीं होती और पीड़ित व्यक्ति को एफआईआर की कॉपी लेने के लिए कई बार थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मतलब ये हुआ कि पंजाब पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को गम्भीरता से नहीं लेती। नाम न छापने की शर्त पर एक पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि वह एफआईआर की कॉपी लेने के लिए जालंधर के थाना दो में कितने ही चक्कर लगा चुका है लेकिन उसे एफआईआर की कॉपी नहीं मिल रही। जब उस व्यक्ति से कहा कि वह थाना की वेबसाइट से एफआईआर की कॉपी क्यों नहीं लेता तो उस व्यक्ति ने बताया कि 7 दिन हो गए हैं लेकिन थाना की वेबसाइट पर एफआईआर अपलोड ही नहीं की गई। अब जब कई कई दिनों तक एफआईआर अपलोड ही नहीं होगी तो व्यक्ति कानूनी सलाह या कानूनी कारवाई के बारे में आगे क्या तय करेगा। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि प्रत्येक आरोपी को एफआईआर की कॉपी दी जानी चाहिए ताकि वह कानूनी सलाह ले सके। मगर पंजाब के पुलिस थानों में लोगों को काम करवाने के लिए अपनी चप्पलें घिसनी पड़ती हैं।
जब इस बारे में एसीपी सेंट्रल हरसिमरत सिंह छेतरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह अभी सीपी साहिब के साथ मीटिंग में है फ्री होते ही वेबसाइट का मामला हल करवाता हूँ। लेकिन आश्वासन के बावजूद भी वेबसाइट पर एफआईआर अपलोड नहीं हो पाई।

